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    Posts tagged "Rajeev Ranjan Prasad"

    मौन मगध में (Maun Magadh Me) / राजीव रंजन प्रसाद (Rajeev Ranjan Prasad)

    मौन मगध में: उस इतिहास के खिलाफ जो व्रेपर में लपेट कर मुहैय्या कराया जाता है – विश्वदीपक ‘तनहा’ ———- इतिहास बुद्धिजीवियों के ड्राईंगरूम में सजाया कोई फ्लावर-पॉट, कोई गुलदस्ता नहीं, जिसे देखने, सराहने या कोसने का पहला और आखिरी हक़ सिर्फ़ सेल्फ़ में रखी चंद किताबों का हो। यह एक बहती हुई नदी है,...

    आमचो बस्तर (Aamcho Bastar) / राजीव रंजन प्रसाद (Rajeev Ranjan Prasad)

    भारत के आदिवासी इलाकों, वहाँ के जन जीवन, लोक कलाओं, संगीत, नृत्‍य, समस्‍याओं और अकूत नैसर्गिक सौंदर्य के बारे में हमेशा बहुत कुछ जानने की इच्‍छा रही है। एक दो यात्राएं करने का मौका भी मिला है लेकिन यह जानना या भीतर उतरना आम तौर पर बाहरी या औपचारिक ही रहा है। कभी दो चार...