मौन मगध में: उस इतिहास के खिलाफ जो व्रेपर में लपेट कर मुहैय्या कराया जाता है – विश्वदीपक ‘तनहा’ ———- इतिहास बुद्धिजीवियों के ड्राईंगरूम में सजाया कोई फ्लावर-पॉट, कोई गुलदस्ता नहीं, जिसे देखने, सराहने या कोसने का पहला और आखिरी हक़ सिर्फ़ सेल्फ़ में रखी चंद किताबों का हो। यह एक बहती हुई नदी है,...