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    Book Reviews

    गोदान – प्रेमचन्द

            गोदान प्रेमचन्द हिन्दी के सर्वाधिक लोकप्रिय उपन्यासकार हैं और उनकी अनेक रचनाओं की गणना कालजयी साहित्य के अन्तर्गत की जाती है। ‘गोदान’ तो उनका सर्वश्रेष्ठ उपन्यास है ही, ‘गबन’, ‘निर्मला’, ‘रंगभूमि’, ‘सेवा सदन’ तथा अनेकों कहानियाँ हिन्दी साहित्य का अमर अंग बन गई हैं। इनके अनुवाद भी भारत की सभी प्रमुख तथा अनेक विदेशी...
    मृणालिनी - बंकिम चन्द्र चट्टोपाध्याय

    मृणालिनी – बंकिम चन्द्र चट्टोपाध्याय

      मृणालिनी – बंकिम चन्द्र चट्टोपाध्याय बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय बंगला के शीर्षस्थ उपन्यासकार हैं। उनकी लेखनी से बंगाल साहित्य तो समृद्ध हुआ ही है, हिन्दी भी उपकृत हुई है। उनकी लोकप्रियता का यह आलम है कि पिछले डेढ़ सौ सालों से उनके उपन्यास विभिन्न भाषाओं में अनूदित हो रहे हैं और कई-कई संस्करण प्रकाशित हो रहे...

    ओस की बूँद – राही मासूम रज़ा

            समीक्षा – सन्देश- असर- प्रेरणा- कटाक्ष ———————————————————————- पुस्तक – ओस की बूँद (उपन्यास) लेखक – राही मासूम रज़ा   जब हम सुबह सुबह उठते हैं तो अपनी छत की मुंडेर से लगे नीम के पेड़ के पत्तों पर कुछ बूंदे देखते हैं, जब पार्क में घुमने जाते हैं तो घासों और...

    कपाल कुंडला लेखक – बंकिमचन्द्र चट्टोपाध्याय

    कपाल कुंडला – बंकिमचन्द्र चट्टोपाध्याय प्रकाशन बंकिम दा की लेखन इतिहास में यह इनकी रचना श्रेणी में दुसरे स्थान पर आता है। दुर्गेश नंदिनी के पश्चात बंकिम दा ने यह दूसरा उपन्यास “कपाल कुंडला” लिखा। “कपाल कुण्डला” बंकिम दा के बेहतरीन और लोकप्रिय उपन्यासों में से एक माना जाता है। इसका अंग्रेजी, जर्मन, हिंदी, गुजराती,...
    एक गधे की आत्मकथा / कृश्न चन्दर

    एक गधे की आत्मकथा / कृश्न चन्दर

    एक गधे की आत्मकथा / कृश्न चन्दर “एक गधे की आत्मकथा” कृश्न चन्दर जी की बहुत ही सधी हुई व्यंग्य कृति है| आप पूरी पुस्तक पढ़ डालिये, फिर भी आप इसी पसोपेश में रहेंगे कि ये आदमी के रूप में गधा है या गधे के रूप में आदमी| इस संग्रह में उन्होने गधे के माध्यम...

    हम बचे रहेंगे – प्रफुल्ल कोलख्यान

      हम बचे रहेंगे  (काव्य संकलन) विमलेश त्रिपाठी नयी किताब, दिल्ली, 2011 पृ. 112         /कीमत : `200.00 ———————————————————————————- इतिहास से आती लालटेनों की मद्धिम रोशनियाँ                                        - प्रफुल्ल कोलख्यान ‘हम बचे रहेंगे’ युवा कवि विमलेश त्रिपाठी का पहला संग्रह है। विमलेश त्रिपाठी की इन...