Smriti

“स्मृति” युवा कवि और पेशे से संगीतज्ञ श्री अभिषेक अवस्थी का पहला काव्य संग्रह है। पुस्तक का नाम कवि ने स्मृति अपनी बहन के नाम पर रखा है साथ उनकी कई रचनाएँ विद्द्यालयकाल मे लिखी ही हैं जो कवि की स्मृतियों से जुड़ी हुई हैं।

“स्मृति” मे अभिषेक अवस्थी ने अपने मन की भावनाएं बहुत ही सहज ढंग से व्यक्त की हैं। रचनाओं मे जहां एक तरफ बालकबोध सामने आता है, वहीं समाज के प्रति एक गंभीर व्यक्तित्व की छवि भी देखने को मिलती है। माँ के प्रति अपार प्रेम और आदर इस काव्य संग्रह की कई रचनाओं मे देखने को मिलता है। कविता “माँ तुम अकेली हो” और “मेरी प्यारी माँ” भावुकता से भरी हुई कवितायें हैं।

कुछ कविताओं के माध्यम से कवि ने समाज और जीवन के कटु सत्य को प्रतिपादित किया है।

रचना “ आरती मच्छर जी की” और “बिल्ली का बच्चा” हसने वाली हैं तो “सदा ही बढ़ना मैंने सीखा” और “संबल” बहुत ही प्रेरणादायी कवितायें हैं।

 

रचनाकार के बारें में:

नाम: अभिषेक अवस्थी abhishek-awsthi

वर्तमान पता: सी  56 ए / 5 सैक्टर 62, नोएडा-201301

स्थायी पता: 510,दहेली सुजनपुर, मैरी जीसस स्कूल, कानपुर-208013

सिक्षा: वाणिज्य से स्नातक एवं संगीत मे ट्रिनिटी कॉलेज लंदन से सर्टिफिकेट।

प्रकाशित कविता संग्रह: स्मृति

प्रकाशक: उत्तकर्ष प्रकाशन, मेरठ।